Tuesday, June 16, 2009

एक उदास कविता


एक उदास कविता

जिन्दगी,
एक तस्वीर सादा,
कुछ लकीरें उकेरीं,
कुछ सफेद, कुछ साँवरी.
इन्तज़ार में कि
सपनीले रँगों से भरे कोई.
हो गयी बदरंग इन्तज़ार में ही,
मुई.