बहुत दिन हुए खुश हुए,
तुमसे बातें किये हुए.
झगड़े किये हुए,
साथ बैठ कर टूटे सपनों की किरचें बटोरे हुए,
उम्मीद की कोंपलो को सहलाये हुए,
बहुत दिन हुए खुश हुए.
बहुत दिन हुए,
छप्पर से फ़िसली धूप को
रोम रोम अन्जुरी किये हुए,
अम्मा के चूल्हे से उछले फ़ुल्के को
आसमान तक लपके
हाथ उठाये हुए,
बाबा के कन्धे पर बैठ कर
आसमान चूमे हुए,
क्षितिज़ पद चिन्हों से
मिटाये बनाये हुए बहुत दिन हुए,
बहुत दिन हुए खुश हुए.
My visit to NCBS
2 months ago
